पर्व कैलेंडर
छठ पूजा 1930
कार्तिक शुक्ल षष्ठी — घाटों पर सूर्य और छठी मैया की उपासना।
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छठ पूजा 1930 तिथि
सोमवार, 27 अक्टूबर 1930
तिथि: कार्तिक शुक्ल षष्ठी
तिथि अवधि: 10:52 PM, रविवार, 26 अक्टूबर 1930 → 12:02 AM, मंगलवार, 28 अक्टूबर 1930
मुहूर्त और समय
काशी/IST · खगोलीय गणना- संकल्प (सूर्योदय)06:03
- सूर्यास्त17:20
- व्रत अवधि (तिथि)1930-10-26 · 22:52 → 1930-10-28 · 00:02
- पारण (तिथि समाप्ति)00:021930-10-28
पर्व-दिन शास्त्रीय नियमों से निर्धारित हैं — उदया, प्रदोष, निशिता, मध्याह्न या अपराह्न व्यापिनी, जैसा प्रत्येक पर्व का विधान है — काशी/वाराणसी (IST) हेतु गणना। कुछ वर्षों में क्षेत्रीय पालन एक दिन आगे-पीछे हो सकता है।
छठ पूजा की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ेंछठ पूजा — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अर्घ्य पहले अस्ताचलगामी सूर्य को क्यों दिया जाता है?
छठ लगभग एकमात्र पर्व है जिसमें उदीयमान से पूर्व अस्ताचलगामी सूर्य की उपासना होती है। षष्ठी की संध्या को सूर्य को धन्यवाद दिया जाता है, और अगले प्रातः सप्तमी को उसके लौटने पर अभिनंदन।
छठ का व्रत कितने समय का होता है?
लगभग छत्तीस घंटे, बिना अन्न और जल के — द्वितीय संध्या के खरना-भोजन के पश्चात आरंभ होकर चतुर्थ प्रातः उषा अर्घ्य के पश्चात ही समाप्त।
छठ प्रसाद में नमक क्यों नहीं पड़ता?
ठेकुआ और समस्त प्रसाद कठोर शुद्धता में बनते हैं — न नमक, न पाक के समय कुछ चखना, और अग्नि मिट्टी के चूल्हे में आम की लकड़ी की।