पर्व कैलेंडर

देवशयनी एकादशी 1983

भगवान विष्णु शयन में जाते हैं; चातुर्मास प्रारंभ।

इस वर्ष की तिथि देखें — देवशयनी एकादशी 2026 कब है
देवशयनी एकादशी 1983 तिथि
बुधवार, 20 जुलाई 1983
तिथि: आषाढ़ शुक्ल एकादशी
तिथि अवधि: 08:06 PM, मंगलवार, 19 जुलाई 1983 → 09:07 PM, बुधवार, 20 जुलाई 1983

मुहूर्त और समय

काशी/IST · खगोलीय गणना
  • संकल्प (सूर्योदय)05:19
  • सूर्यास्त18:49
  • व्रत अवधि (तिथि)1983-07-19 · 20:06 → 21:07
  • पारण (तिथि समाप्ति)21:07

पर्व-दिन शास्त्रीय नियमों से निर्धारित हैं — उदया, प्रदोष, निशिता, मध्याह्न या अपराह्न व्यापिनी, जैसा प्रत्येक पर्व का विधान है — काशी/वाराणसी (IST) हेतु गणना। कुछ वर्षों में क्षेत्रीय पालन एक दिन आगे-पीछे हो सकता है।

देवशयनी एकादशी की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ें

देवशयनी एकादशी — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देवशयनी एकादशी कब है?

आषाढ़ की शुक्ल एकादशी को, प्रायः जून–जुलाई में, वर्षा के आरंभ पर। यह चातुर्मास, चार पवित्र मास, आरंभ करती है, जो कार्तिक की देवउठनी एकादशी पर समाप्त होते हैं। इस वर्ष की तिथि ऊपर दी गई है।

देवशयनी एकादशी के बाद विवाह क्यों रुक जाते हैं?

इस दिन से विष्णु चातुर्मास भर शयन करते माने जाते हैं, और शुभ नए कार्य — विवाह, गृहप्रवेश, यज्ञोपवीत — तब तक रुके रहते हैं जब वे लगभग चार मास बाद कार्तिक की देवउठनी एकादशी को जागते हैं।

चातुर्मास व्रत क्या है?

देवशयनी एकादशी से लिया और चार मास रखा एक अनुशासन — कोई विशेष भोजन त्यागना, दैनिक जप या अध्ययन, अथवा सेवा रखना। परंपरागत सूचियाँ क्रमिक मासों में पत्तेदार साग, दही, दूध और दाल त्यागती हैं।

महाराष्ट्र में आषाढ़ी एकादशी क्या है?

वही दिन। यह पंढरपुर वारी की परिणति है, जब लाखों वारकरी संत ज्ञानेश्वर और तुकाराम की पालकियाँ लिए पंढरपुर चलते हैं, देव विट्ठल के सम्मुख खड़े होने।