पर्व कैलेंडर

धनतेरस 1953

धन्वंतरि-लक्ष्मी पूजन — दीपावली का पहला दिन, खरीदारी का शुभ दिन।

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धनतेरस 1953 तिथि
बुधवार, 4 नवंबर 1953
तिथि: कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी
तिथि अवधि: 05:02 PM, मंगलवार, 3 नवंबर 1953 → 07:28 PM, बुधवार, 4 नवंबर 1953

मुहूर्त और समय

काशी/IST · खगोलीय गणना
  • संकल्प (सूर्योदय)06:08
  • प्रदोष पूजा मुहूर्त17:15 – 19:39
  • व्रत अवधि (तिथि)1953-11-03 · 17:02 → 19:28
  • पारण (तिथि समाप्ति)19:28

पर्व-दिन शास्त्रीय नियमों से निर्धारित हैं — उदया, प्रदोष, निशिता, मध्याह्न या अपराह्न व्यापिनी, जैसा प्रत्येक पर्व का विधान है — काशी/वाराणसी (IST) हेतु गणना। कुछ वर्षों में क्षेत्रीय पालन एक दिन आगे-पीछे हो सकता है।

धनतेरस की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ें

धनतेरस — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धनतेरस पर क्या खरीदना चाहिए?

धातु — चाँदी, इस्पात अथवा पीतल — और परंपरा से रिक्त पात्र, जिसे घर में लाने से पूर्व भर लिया जाता है। स्वर्ण और बर्तन प्रचलित हैं; पात्र प्राचीन रीति है।

धनतेरस पर दीप दक्षिण दिशा में क्यों रखा जाता है?

वह यम-दीपम है, जो संध्या के पश्चात गृह-रक्षा हेतु यम को अर्पित किया जाता है। वह घर के बाहर दक्षिणाभिमुख रखा जाता है और भीतर वापस नहीं लाया जाता।

धनतेरस पर सर्वप्रथम किसकी पूजा होती है?

धन्वंतरि की, जो अमृत-कलश लिए मथित सागर से प्रकट हुए। लक्ष्मी और कुबेर का आवाहन उनके पश्चात होता है — इस दिन आरोग्य धन से पहले आता है।