पर्व कैलेंडर

दुर्गा अष्टमी 1956

महाष्टमी — नवरात्रि की कन्या पूजा व संधि पूजा।

इस वर्ष की तिथि देखें — दुर्गा अष्टमी 2026 कब है
दुर्गा अष्टमी 1956 तिथि
शुक्रवार, 12 अक्टूबर 1956
तिथि: आश्विन शुक्ल अष्टमी
तिथि अवधि: 11:10 AM, गुरुवार, 11 अक्टूबर 1956 → 01:34 PM, शुक्रवार, 12 अक्टूबर 1956

मुहूर्त और समय

काशी/IST · खगोलीय गणना
  • संकल्प (सूर्योदय)05:55
  • सूर्यास्त17:33
  • व्रत अवधि (तिथि)1956-10-11 · 11:10 → 13:34
  • पारण (तिथि समाप्ति)13:34

पर्व-दिन शास्त्रीय नियमों से निर्धारित हैं — उदया, प्रदोष, निशिता, मध्याह्न या अपराह्न व्यापिनी, जैसा प्रत्येक पर्व का विधान है — काशी/वाराणसी (IST) हेतु गणना। कुछ वर्षों में क्षेत्रीय पालन एक दिन आगे-पीछे हो सकता है।

दुर्गा अष्टमी की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ें

दुर्गा अष्टमी — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा अष्टमी कब मनाई जाती है?

आश्विन शुक्ल पक्ष की अष्टमी को — शारदीय नवरात्रि का आठवाँ दिन, शरद ऋतु में, विजयादशमी से दो दिन पूर्व। इस वर्ष की तिथि ऊपर दी गई है।

संधि पूजा क्या है?

अष्टमी और नवमी की संधि पर की जाने वाली पूजा — अष्टमी की अंतिम घटी और नवमी की प्रथम घटी। यह उस क्षण का स्मरण है जब दुर्गा ने चंड-मुंड वध हेतु चामुंडा रूप धारण किया, और दुर्गा पूजा का शिखर है।

कन्या पूजा अष्टमी को होती है या नवमी को?

दोनों में से किसी भी दिन, और अनेक परिवार इसे महाष्टमी को करते हैं। बालिकाओं की देवी के सजीव रूप में पूजा होती है, उनके चरण धोए जाते हैं, भोग कराया जाता है और भेंट एवं दक्षिणा दी जाती है।

दुर्गा अष्टमी महानवमी से किस प्रकार भिन्न है?

अष्टमी देवी के उग्रतम रूपों का आवाहन करती है और संधि पूजा वहन करती है; नवमी, अगले दिन, हवन और आयुध पूजा से उपासना पूर्ण करती है, दशहरे की विजय से पूर्व।