पर्व कैलेंडर

दशहरा / विजयादशमी 2036

रावण पर राम की विजय; आश्विन शुक्ल दशमी को शमी-अपराजिता पूजन।

दशहरा / विजयादशमी 2026 खोज रहे हैं? इस वर्ष की तिथि व मुहूर्त देखें
दशहरा / विजयादशमी 2036 तिथि
सोमवार, 29 सितंबर 2036
तिथि: आश्विन शुक्ल दशमी
तिथि अवधि: 02:59 AM, सोमवार, 29 सितंबर 2036 → 05:34 AM, मंगलवार, 30 सितंबर 2036
दशहरा / विजयादशमी 2036
आरंभ में
00दिन
:
00घंटे
:
00मिनट
:
00सेकंड

मुहूर्त और समय

काशी/IST · खगोलीय गणना
  • संकल्प (सूर्योदय)05:49
  • अपराह्न मुहूर्त13:00 – 15:23
  • व्रत अवधि (तिथि)02:59 → 2036-09-30 · 05:34
  • पारण (तिथि समाप्ति)05:342036-09-30

पर्व-दिन शास्त्रीय नियमों से निर्धारित हैं — उदया, प्रदोष, निशिता, मध्याह्न या अपराह्न व्यापिनी, जैसा प्रत्येक पर्व का विधान है — काशी/वाराणसी (IST) हेतु गणना। कुछ वर्षों में क्षेत्रीय पालन एक दिन आगे-पीछे हो सकता है।

दशहरा / विजयादशमी की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ें

दशहरा / विजयादशमी — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दशहरा बिना मुहूर्त के शुभ क्यों माना जाता है?

विजयादशमी वर्ष के साढ़े तीन पूर्ण शुभ मुहूर्तों में से एक है। इस दिन आरंभ किए कार्य को पृथक मुहूर्त की आवश्यकता नहीं, यद्यपि अपराजिता पूजन हेतु अपराह्न काल श्रेष्ठ है।

आयुध पूजा क्या है?

अपने उपकरणों, यंत्रों, ग्रंथों और वाहनों का पूजन — जिनसे हम अर्जित करते या सीखते हैं। उन्हें स्वच्छ कर, माला चढ़ाकर, उस दिन प्रयोग में नहीं लाया जाता।

दशहरे पर शमी-पत्र क्यों दिए जाते हैं?

पांडवों ने अज्ञातवास के वर्ष में अपने शस्त्र शमी-वृक्ष में छिपाए और इसी दिन पुनः प्राप्त किए। पत्ते पुनः प्राप्त शस्त्रों और धैर्य के पश्चात मिलने वाली विजय के प्रतीक हैं।