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हनुमान जयंती 2044

चैत्र पूर्णिमा को हनुमान जी का जन्मोत्सव।

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हनुमान जयंती 2044 तिथि
मंगलवार, 12 अप्रैल 2044
तिथि: चैत्र पूर्णिमा
तिथि अवधि: 02:47 PM, सोमवार, 11 अप्रैल 2044 → 03:11 PM, मंगलवार, 12 अप्रैल 2044
हनुमान जयंती 2044
आरंभ में
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मुहूर्त और समय

काशी/IST · खगोलीय गणना
  • संकल्प (सूर्योदय)05:38
  • सूर्यास्त18:18
  • व्रत अवधि (तिथि)2044-04-11 · 14:47 → 15:11
  • पारण (तिथि समाप्ति)15:11

पर्व-दिन शास्त्रीय नियमों से निर्धारित हैं — उदया, प्रदोष, निशिता, मध्याह्न या अपराह्न व्यापिनी, जैसा प्रत्येक पर्व का विधान है — काशी/वाराणसी (IST) हेतु गणना। कुछ वर्षों में क्षेत्रीय पालन एक दिन आगे-पीछे हो सकता है।

हनुमान जयंती की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ें

हनुमान जयंती — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हनुमान जयंती कब है?

उत्तर भारत में यह चैत्र की पूर्णिमा को रखी जाती है। महाराष्ट्र भी यही दिन रखता है; तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र इसे भिन्न दिनों में मनाते हैं, अतः तिथि क्षेत्र पर निर्भर है। इस वर्ष की चैत्र पूर्णिमा तिथि ऊपर दी गई है।

हनुमान को सिंदूर क्यों अर्पित होता है?

परंपरा स्मरण कराती है कि हनुमान ने सीता को राम की दीर्घायु हेतु सिंदूर लगाते देख, भक्ति में पूरे शरीर पर सिंदूर मल लिया। अतः चमेली के तेल में मिला सिंदूर उन्हें सर्वाधिक प्रिय अर्पण है।

हनुमान चालीसा कितनी बार पढ़ी जाती है?

कोई नियत नियम नहीं, पर इस दिन इसे चालीस बार (या उसके गुणकों में) पढ़ने का संकल्प सामान्य है, साथ ही सुंदरकांड और बजरंग बाण।