हरियाली तीज 2029
श्रावण शुक्ल तृतीया — शिव-पार्वती मिलन का झूला-मेहंदी पर्व।
मुहूर्त और समय
काशी/IST · खगोलीय गणना- संकल्प (सूर्योदय)05:30
- सूर्यास्त18:36
- व्रत अवधि (तिथि)02:44 → 23:58
- पारण (तिथि समाप्ति)23:58
पर्व-दिन शास्त्रीय नियमों से निर्धारित हैं — उदया, प्रदोष, निशिता, मध्याह्न या अपराह्न व्यापिनी, जैसा प्रत्येक पर्व का विधान है — काशी/वाराणसी (IST) हेतु गणना। कुछ वर्षों में क्षेत्रीय पालन एक दिन आगे-पीछे हो सकता है।
हरियाली तीज की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ेंहरियाली तीज — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हरियाली तीज कब मनाई जाती है?
श्रावण (सावन) मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को, वर्षा ऋतु में — नाग पंचमी से कुछ दिन पूर्व और रक्षा बंधन से लगभग दो सप्ताह पहले। इस वर्ष की तिथि ऊपर दी गई है।
हरियाली तीज हरतालिका तीज से किस प्रकार भिन्न है?
हरियाली तीज श्रावण में पड़ती है और झूले, हरे वस्त्र व मेहंदी का हल्का उत्सव है। हरतालिका तीज एक मास पश्चात भाद्रपद में पड़ती है और कठोर निर्जल व्रत तथा रात्रि जागरण पर केंद्रित है।
हरियाली तीज का व्रत कौन रखता है?
विवाहित स्त्रियाँ पति की दीर्घायु और कल्याण हेतु; नववधुएँ प्रायः अपनी पहली तीज मायके में मनाती हैं, और कुमारी कन्याएँ योग्य वर की कामना से रख सकती हैं।
हरियाली तीज पर हरा रंग क्यों पहना जाता है?
हरा वर्षा-सिंचित धरती और सौभाग्य का रंग है; स्त्रियाँ ऋतु और पर्व दोनों के प्रतीक रूप में हरी साड़ियाँ, काँच की चूड़ियाँ और मेहंदी धारण करती हैं।