होलिका दहन 2027
होली की पूर्व संध्या का दहन, सूर्यास्त के बाद पूर्णिमा व्याप्त रहते जलाया जाता है।
आज का पंचांग
काशी संदर्भ · तुरंत गणना- तिथि
- द्वितीया
- तक 18:49
- नक्षत्र
- पूर्व फाल्गुनी
- तक 03:44
- योग
- परिघ
- करण
- बालव
- सूर्योदय
- 05:31
- सूर्यास्त
- 18:34
- चंद्र राशि
- सिंह
- सूर्य राशि
- कर्क
मुहूर्त और समय
काशी/IST · खगोलीय गणना- संकल्प (सूर्योदय)06:01
- सूर्यास्त18:09
- व्रत अवधि (तिथि)18:20 → 2027-03-22 · 16:11
- पारण (तिथि समाप्ति)16:112027-03-22
पर्व-दिन शास्त्रीय नियमों से निर्धारित हैं — उदया, प्रदोष, निशिता, मध्याह्न या अपराह्न व्यापिनी, जैसा प्रत्येक पर्व का विधान है — काशी/वाराणसी (IST) हेतु गणना। कुछ वर्षों में क्षेत्रीय पालन एक दिन आगे-पीछे हो सकता है।
होलिका दहन की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ेंहोलिका दहन — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
होलिका दहन कब है?
फाल्गुन की पूर्णिमा को, रंगों की होली से पूर्व संध्या। अग्नि सूर्यास्त के पश्चात प्रदोष मुहूर्त में जलाई जाती है, और सटीक समय तिथि तथा भद्रा-वर्जन से निर्धारित होता है। इस वर्ष की तिथि ऊपर दी गई है।
होलिका दहन पर अग्नि क्यों जलाई जाती है?
यह होलिका के दहन और प्रह्लाद की रक्षा का पुनराभिनय है — अभिमान पर भक्ति की विजय। यह शीत-अंत का शुष्क कचरा भी साफ करती है और, प्रतीकात्मक रूप से, अगले दिन के रंग-खेल से पूर्व वर्ष की बुराई तथा अहंकार जलाती है।
भद्रा काल क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
भद्रा (विष्टि करण) होलिका अग्नि जलाने हेतु अशुभ माना जाता है। दहन प्रदोष बेला में भद्रा से बचते हुए किया जाता है, अतः मुहूर्त साधारण 'सूर्यास्त के पश्चात' से एक-दो घंटे भिन्न हो सकता है।
क्या होलिका दहन और होली एक ही हैं?
वे एक पर्व के दो अंग हैं: होलिका दहन फाल्गुन पूर्णिमा रात्रि की अग्नि (छोटी होली) है; रंगों का खेल (रंगवाली होली या धुलेटी) अगले प्रातः।
2027 के अन्य प्रमुख पर्व
- मकर संक्रांति — 14 जनवरी 2027
- वसंत पंचमी — 11 फ़रवरी 2027
- महाशिवरात्रि — 6 मार्च 2027
- होली — 22 मार्च 2027
- चैत्र नवरात्रि प्रारंभ — 7 अप्रैल 2027
- राम नवमी — 15 अप्रैल 2027
- अक्षय तृतीया — 8 मई 2027
- जगन्नाथ रथ यात्रा — 5 जुलाई 2027
- गुरु पूर्णिमा — 18 जुलाई 2027
- नाग पंचमी — 6 अगस्त 2027
- रक्षा बंधन — 17 अगस्त 2027
- कृष्ण जन्माष्टमी — 24 अगस्त 2027
- हरतालिका तीज — 3 सितंबर 2027
- गणेश चतुर्थी — 4 सितंबर 2027
- अनंत चतुर्दशी — 14 सितंबर 2027
- पितृ पक्ष प्रारंभ — 16 सितंबर 2027
- शारदीय नवरात्रि प्रारंभ — 30 सितंबर 2027
- दुर्गा अष्टमी — 7 अक्टूबर 2027
- महानवमी — 9 अक्टूबर 2027
- दशहरा / विजयादशमी — 9 अक्टूबर 2027
- करवा चौथ — 18 अक्टूबर 2027
- धनतेरस — 27 अक्टूबर 2027
- नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) — 28 अक्टूबर 2027
- दीपावली (लक्ष्मी पूजा) — 29 अक्टूबर 2027
- गोवर्धन पूजा — 30 अक्टूबर 2027
- भाई दूज — 31 अक्टूबर 2027
- छठ पूजा — 4 नवंबर 2027
- कार्तिक पूर्णिमा (देव दीपावली) — 14 नवंबर 2027
- गुरु नानक जयंती — 14 नवंबर 2027
- हिंदू पर्व-त्योहार 2027 →