मुहूर्त और समय
काशी/IST · खगोलीय गणना- संकल्प (सूर्योदय)05:36
- सूर्यास्त18:24
- व्रत अवधि (तिथि)2002-08-25 · 07:40 → 09:58
- पारण (तिथि समाप्ति)09:58
पर्व-दिन शास्त्रीय नियमों से निर्धारित हैं — उदया, प्रदोष, निशिता, मध्याह्न या अपराह्न व्यापिनी, जैसा प्रत्येक पर्व का विधान है — काशी/वाराणसी (IST) हेतु गणना। कुछ वर्षों में क्षेत्रीय पालन एक दिन आगे-पीछे हो सकता है।
कजरी तीज की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ेंकजरी तीज — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कजरी तीज कब मनाई जाती है?
भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया को, रक्षा बंधन के लगभग दो सप्ताह पश्चात, वर्षा ऋतु में। इस वर्ष की तिथि ऊपर दी गई है।
क्या कजरी तीज और हरियाली तीज एक ही हैं?
नहीं। हरियाली तीज श्रावण के शुक्ल पक्ष में होती है; कजरी तीज भाद्रपद के कृष्ण पक्ष में, लगभग एक मास पश्चात, और यह चंद्र तथा नीम पर केंद्रित है, अपने कजरी गीतों के साथ।
कजरी तीज का व्रत चंद्रोदय के बाद क्यों खोला जाता है?
व्रत का समापन चंद्र को अर्घ्य देने के साथ होता है, अतः यह दिन भर रखा जाता है और रात्रि में चंद्र के उदय और दर्शन के पश्चात ही पूर्ण होता है।
कजरी तीज मुख्यतः कहाँ मनाई जाती है?
सर्वाधिक पूर्वी उत्तर प्रदेश में — मिर्ज़ापुर और बनारस, कजरी गीत परंपरा की भूमि — तथा मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार में।