कार्तिक पूर्णिमा (देव दीपावली) 2024
देवताओं की दीपावली — काशी के घाटों पर दीपों का उत्सव।
मुहूर्त और समय
काशी/IST · खगोलीय गणना- संकल्प (सूर्योदय)06:15
- सूर्यास्त17:10
- व्रत अवधि (तिथि)06:19 → 2024-11-16 · 02:58
- पारण (तिथि समाप्ति)02:582024-11-16
पर्व-दिन शास्त्रीय नियमों से निर्धारित हैं — उदया, प्रदोष, निशिता, मध्याह्न या अपराह्न व्यापिनी, जैसा प्रत्येक पर्व का विधान है — काशी/वाराणसी (IST) हेतु गणना। कुछ वर्षों में क्षेत्रीय पालन एक दिन आगे-पीछे हो सकता है।
कार्तिक पूर्णिमा (देव दीपावली) की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ेंकार्तिक पूर्णिमा (देव दीपावली) — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कार्तिक पूर्णिमा कब मनाई जाती है?
कार्तिक मास की पूर्णिमा को, शरद ऋतु में — शुक्ल पक्ष का पंद्रहवाँ दिन, दीपावली के लगभग एक पखवाड़े पश्चात। इस वर्ष की तिथि ऊपर दी गई है।
कार्तिक पूर्णिमा को देव दीपावली क्यों कहते हैं?
यह वह रात्रि मानी जाती है जब देवगण गंगा में स्नान हेतु अवतरित होते हैं, और घाटों पर प्रवाहित एवं प्रज्वलित दीप-पंक्तियों के साथ उनकी दिवाली रूप में मनाई जाती है — सर्वाधिक प्रसिद्ध काशी में, जहाँ संध्या को घाट दीपों से ढँक जाते हैं।
त्रिपुरारी पूर्णिमा क्या है?
कार्तिक पूर्णिमा का ही एक नाम, जो शिव के त्रिपुरारी रूप का स्मरण है, जिन्होंने असुरों के तीन नगरों को उस एक क्षण एक बाण से भस्म किया जब वे एक रेखा में आए। देवों ने राहत में दीप जलाए, जिन्हें पर्व के दीप स्मरण करते हैं।
कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान का क्या महत्व है?
कार्तिक वह मास है जिसमें पवित्र स्नान, दान और विष्णु-उपासना सर्वाधिक विहित हैं, और उसकी पूर्णिमा उसका सर्वाधिक शुभ दिन है। गंगा या अन्य पवित्र नदी में प्रातःकालीन स्नान केंद्रीय आचरण है।
2024 के अन्य प्रमुख पर्व
- मकर संक्रांति — 15 जनवरी 2024
- वसंत पंचमी — 14 फ़रवरी 2024
- महाशिवरात्रि — 8 मार्च 2024
- होलिका दहन — 24 मार्च 2024
- होली — 25 मार्च 2024
- चैत्र नवरात्रि प्रारंभ — 9 अप्रैल 2024
- राम नवमी — 17 अप्रैल 2024
- अक्षय तृतीया — 10 मई 2024
- जगन्नाथ रथ यात्रा — 7 जुलाई 2024
- गुरु पूर्णिमा — 21 जुलाई 2024
- नाग पंचमी — 9 अगस्त 2024
- रक्षा बंधन — 19 अगस्त 2024
- कृष्ण जन्माष्टमी — 26 अगस्त 2024
- हरतालिका तीज — 6 सितंबर 2024
- गणेश चतुर्थी — 7 सितंबर 2024
- अनंत चतुर्दशी — 17 सितंबर 2024
- पितृ पक्ष प्रारंभ — 18 सितंबर 2024
- शारदीय नवरात्रि प्रारंभ — 3 अक्टूबर 2024
- दुर्गा अष्टमी — 11 अक्टूबर 2024
- महानवमी — 12 अक्टूबर 2024
- दशहरा / विजयादशमी — 12 अक्टूबर 2024
- करवा चौथ — 20 अक्टूबर 2024
- धनतेरस — 29 अक्टूबर 2024
- नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) — 31 अक्टूबर 2024
- दीपावली (लक्ष्मी पूजा) — 1 नवंबर 2024
- गोवर्धन पूजा — 2 नवंबर 2024
- भाई दूज — 3 नवंबर 2024
- छठ पूजा — 7 नवंबर 2024
- गुरु नानक जयंती — 15 नवंबर 2024
- हिंदू पर्व-त्योहार 2024 →