मुहूर्त और समय
काशी/IST · खगोलीय गणना- संकल्प (सूर्योदय)05:51
- सूर्यास्त17:42
- व्रत अवधि (तिथि)2003-10-03 · 11:48 → 10:39
- पारण (तिथि समाप्ति)10:39
पर्व-दिन शास्त्रीय नियमों से निर्धारित हैं — उदया, प्रदोष, निशिता, मध्याह्न या अपराह्न व्यापिनी, जैसा प्रत्येक पर्व का विधान है — काशी/वाराणसी (IST) हेतु गणना। कुछ वर्षों में क्षेत्रीय पालन एक दिन आगे-पीछे हो सकता है।
महानवमी की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ेंमहानवमी — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
महानवमी कब मनाई जाती है?
आश्विन शुक्ल पक्ष की नवमी को — शारदीय नवरात्रि का नौवाँ और अंतिम दिन, शरद ऋतु में, विजयादशमी से एक दिन पूर्व। इस वर्ष की तिथि ऊपर दी गई है।
नवमी हवन क्या है?
नौवें दिन दुर्गा की उपासना पूर्ण करने हेतु की जाने वाली अग्नि आहुति। नवार्ण मंत्र और दुर्गा सप्तशती के श्लोकों से आहुति दी जाती है, पूर्णाहुति से समापन होता है, नौ रात्रि की शक्ति अग्नि में लौटाई जाती है।
आयुध पूजा क्या है?
औजारों, यंत्रों, पुस्तकों, वाहनों और अपनी वृत्ति के उपकरणों की पूजा, जो महानवमी को होती है। यह देवी का सम्मान उन साधनों में करती है जिनसे मनुष्य श्रम करता है, और दक्षिण भारत में विशेष रूप से प्रमुख है।
महानवमी को देवी के किस रूप की पूजा होती है?
सिद्धिदात्री, सिद्धि प्रदान करने वाली और नवरात्रि में आवाहित नौ रूपों में नौवीं। वे उस क्रम को पूर्ण करती हैं जो प्रथम दिन शैलपुत्री से आरंभ हुआ था।