पर्व कैलेंडर

मौनी अमावस्या 1924

माघ की मौन स्नान अमावस्या — माघ मेले का प्रमुख स्नान।

इस वर्ष की तिथि देखें — मौनी अमावस्या 2026 कब है
मौनी अमावस्या 1924 तिथि
मंगलवार, 5 फ़रवरी 1924
तिथि: माघ अमावस्या
तिथि अवधि: 08:45 AM, सोमवार, 4 फ़रवरी 1924 → 07:10 AM, मंगलवार, 5 फ़रवरी 1924

मुहूर्त और समय

काशी/IST · खगोलीय गणना
  • संकल्प (सूर्योदय)06:39
  • सूर्यास्त17:45
  • व्रत अवधि (तिथि)1924-02-04 · 08:45 → 07:10
  • पारण (तिथि समाप्ति)07:10

पर्व-दिन शास्त्रीय नियमों से निर्धारित हैं — उदया, प्रदोष, निशिता, मध्याह्न या अपराह्न व्यापिनी, जैसा प्रत्येक पर्व का विधान है — काशी/वाराणसी (IST) हेतु गणना। कुछ वर्षों में क्षेत्रीय पालन एक दिन आगे-पीछे हो सकता है।

मौनी अमावस्या की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ें

मौनी अमावस्या — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मौनी अमावस्या कब है?

माघ की अमावस्या को, जनवरी–फरवरी की ठंड में। यह प्रयागराज के माघ मेले और कुंभ का प्रधान स्नान-दिन है। इस वर्ष की तिथि ऊपर दी गई है।

मौनी अमावस्या पर मौन क्यों रखा जाता है?

दिन का नाम मौन से है, जो मनु और उस मुनि से जुड़ा है जिसकी थमी वाणी थमे मन को दर्शाती है। वाणी-रहित एक दिन मन को विश्राम देकर भीतर मोड़ता है, स्नान और जप का पुण्य गहन करते हुए।

इस दिन संगम स्नान इतना महत्वपूर्ण क्यों है?

प्रयाग तीर्थराज है, जहाँ गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती मिलती हैं, और माघ की अमावस्या वहाँ स्नान का सर्वाधिक शुभ दिन माना जाता है — माघ मेले और कल्पवास का आध्यात्मिक शिखर।

क्या मौनी अमावस्या प्रयाग गए बिना रखी जा सकती है?

हाँ। किसी भी पवित्र नदी में, या घर पर गंगाजल से स्नान, मौन व्रत, तिल-दान, पितरों हेतु तर्पण और मौन जप सहित, वह अनुष्ठान है जहाँ संगम पहुँच से परे हो।