पर्व कैलेंडर

नाग पंचमी 1920

श्रावण शुक्ल पंचमी को नाग देवता की पूजा।

इस वर्ष की तिथि देखें — नाग पंचमी 2026 कब है
नाग पंचमी 1920 तिथि
बुधवार, 18 अगस्त 1920
तिथि: श्रावण शुक्ल पंचमी
तिथि अवधि: 01:26 AM, बुधवार, 18 अगस्त 1920 → 01:20 AM, गुरुवार, 19 अगस्त 1920

मुहूर्त और समय

काशी/IST · खगोलीय गणना
  • संकल्प (सूर्योदय)05:33
  • सूर्यास्त18:30
  • व्रत अवधि (तिथि)01:26 → 1920-08-19 · 01:20
  • पारण (तिथि समाप्ति)01:201920-08-19

पर्व-दिन शास्त्रीय नियमों से निर्धारित हैं — उदया, प्रदोष, निशिता, मध्याह्न या अपराह्न व्यापिनी, जैसा प्रत्येक पर्व का विधान है — काशी/वाराणसी (IST) हेतु गणना। कुछ वर्षों में क्षेत्रीय पालन एक दिन आगे-पीछे हो सकता है।

नाग पंचमी की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ें

नाग पंचमी — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नाग पंचमी कब मनाई जाती है?

नाग पंचमी श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को, वर्षा ऋतु में — प्रायः जुलाई के अंत या अगस्त में — आती है। चंद्र पंचांग के अनुसार तिथि प्रतिवर्ष बदलती है; इस वर्ष की तिथि ऊपर देखें।

नाग पंचमी पर साँपों को दूध क्यों अर्पित किया जाता है?

दूध नाग देवता को नैवेद्य रूप में अर्पित किया जाता है — फसल, जल और उर्वरता के रक्षक साँप के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता का भाव। ध्यान रहे कि साँप दूध नहीं पचा पाते, अतः आज भक्त और जीव-कल्याण परंपरा जीवित साँप के बजाय नाग प्रतिमा, चित्र या बाँबी पर दूध अर्पित करते हैं।

नाग पंचमी पर क्या नहीं करना चाहिए?

अनेक परिवार इस दिन भूमि खोदना या हल चलाना (बिल में साँपों की रक्षा हेतु), तप्त लोहे के तवे पर तलना, तथा काटना-सिलना नहीं करते — ये सब नाग के प्रति अहिंसा के रूप में पालन किए जाते हैं।

नाग पंचमी पर किन नागों की पूजा होती है?

नौ प्रमुख नागों का आवाहन होता है: अनन्त (शेष), वासुकि, पद्मनाभ, कम्बल, शंखपाल, धृतराष्ट्र, तक्षक और कालिय आदि। शास्त्रों में शेष, वासुकि और तक्षक सर्वाधिक प्रमुख हैं।