पर्व कैलेंडर

निर्जला एकादशी 1959

बिना जल का व्रत — चौबीस एकादशियों में सबसे कठिन और फलदायी।

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निर्जला एकादशी 1959 तिथि
बुधवार, 17 जून 1959
तिथि: ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी
तिथि अवधि: 06:10 PM, मंगलवार, 16 जून 1959 → 03:20 PM, बुधवार, 17 जून 1959

मुहूर्त और समय

काशी/IST · खगोलीय गणना
  • संकल्प (सूर्योदय)05:07
  • सूर्यास्त18:50
  • व्रत अवधि (तिथि)1959-06-16 · 18:10 → 15:20
  • पारण (तिथि समाप्ति)15:20

पर्व-दिन शास्त्रीय नियमों से निर्धारित हैं — उदया, प्रदोष, निशिता, मध्याह्न या अपराह्न व्यापिनी, जैसा प्रत्येक पर्व का विधान है — काशी/वाराणसी (IST) हेतु गणना। कुछ वर्षों में क्षेत्रीय पालन एक दिन आगे-पीछे हो सकता है।

निर्जला एकादशी की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ें

निर्जला एकादशी — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

निर्जला एकादशी बिना जल के क्यों रखी जाती है?

यह ज्येष्ठ में, सर्वाधिक तप्त मास में पड़ती है, और जब शरीर को जल सर्वाधिक चाहिए तब उसे त्यागना ही अर्पण है। यह एक निर्जल व्रत रखना वर्ष की चौबीसों एकादशियों का पुण्य देता माना जाता है।

इसे भीम एकादशी क्यों कहते हैं?

क्योंकि व्यास मुनि ने भीम को, जो प्रत्येक एकादशी नहीं रख सकते थे, कहा कि वे यह एक दिन उन सबके स्थान पर रख सकते हैं — अतः यह उनका नाम भी धारण करती है, भीमसेनी या भीम एकादशी।

व्रत कब खोला जाता है?

अगले दिन भोर में, द्वादशी की पारण-बेला में, स्नान और दान के पश्चात। पारण बेला के पश्चात विलंबित न हो; सटीक समय तिथि की समाप्ति पर निर्भर है।