निर्जला एकादशी 2022
बिना जल का व्रत — चौबीस एकादशियों में सबसे कठिन और फलदायी।
मुहूर्त और समय
काशी/IST · खगोलीय गणना- संकल्प (सूर्योदय)05:07
- सूर्यास्त18:48
- व्रत अवधि (तिथि)2022-06-10 · 07:24 → 05:43
- पारण (तिथि समाप्ति)05:43
पर्व-दिन शास्त्रीय नियमों से निर्धारित हैं — उदया, प्रदोष, निशिता, मध्याह्न या अपराह्न व्यापिनी, जैसा प्रत्येक पर्व का विधान है — काशी/वाराणसी (IST) हेतु गणना। कुछ वर्षों में क्षेत्रीय पालन एक दिन आगे-पीछे हो सकता है।
निर्जला एकादशी की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ेंनिर्जला एकादशी — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
निर्जला एकादशी बिना जल के क्यों रखी जाती है?
यह ज्येष्ठ में, सर्वाधिक तप्त मास में पड़ती है, और जब शरीर को जल सर्वाधिक चाहिए तब उसे त्यागना ही अर्पण है। यह एक निर्जल व्रत रखना वर्ष की चौबीसों एकादशियों का पुण्य देता माना जाता है।
इसे भीम एकादशी क्यों कहते हैं?
क्योंकि व्यास मुनि ने भीम को, जो प्रत्येक एकादशी नहीं रख सकते थे, कहा कि वे यह एक दिन उन सबके स्थान पर रख सकते हैं — अतः यह उनका नाम भी धारण करती है, भीमसेनी या भीम एकादशी।
व्रत कब खोला जाता है?
अगले दिन भोर में, द्वादशी की पारण-बेला में, स्नान और दान के पश्चात। पारण बेला के पश्चात विलंबित न हो; सटीक समय तिथि की समाप्ति पर निर्भर है।
2022 के अन्य प्रमुख पर्व
- मकर संक्रांति — 14 जनवरी 2022
- वसंत पंचमी — 5 फ़रवरी 2022
- महाशिवरात्रि — 1 मार्च 2022
- होलिका दहन — 17 मार्च 2022
- होली — 18 मार्च 2022
- चैत्र नवरात्रि प्रारंभ — 2 अप्रैल 2022
- राम नवमी — 10 अप्रैल 2022
- अक्षय तृतीया — 3 मई 2022
- जगन्नाथ रथ यात्रा — 1 जुलाई 2022
- गुरु पूर्णिमा — 13 जुलाई 2022
- नाग पंचमी — 2 अगस्त 2022
- रक्षा बंधन — 12 अगस्त 2022
- कृष्ण जन्माष्टमी — 18 अगस्त 2022
- हरतालिका तीज — 30 अगस्त 2022
- गणेश चतुर्थी — 31 अगस्त 2022
- अनंत चतुर्दशी — 9 सितंबर 2022
- पितृ पक्ष प्रारंभ — 10 सितंबर 2022
- शारदीय नवरात्रि प्रारंभ — 26 सितंबर 2022
- दुर्गा अष्टमी — 3 अक्टूबर 2022
- महानवमी — 4 अक्टूबर 2022
- दशहरा / विजयादशमी — 4 अक्टूबर 2022
- करवा चौथ — 13 अक्टूबर 2022
- धनतेरस — 22 अक्टूबर 2022
- नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) — 24 अक्टूबर 2022
- दीपावली (लक्ष्मी पूजा) — 24 अक्टूबर 2022
- गोवर्धन पूजा — 26 अक्टूबर 2022
- भाई दूज — 26 अक्टूबर 2022
- छठ पूजा — 30 अक्टूबर 2022
- कार्तिक पूर्णिमा (देव दीपावली) — 8 नवंबर 2022
- गुरु नानक जयंती — 8 नवंबर 2022
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