पर्व कैलेंडर

राम नवमी 1947

भगवान राम का जन्मोत्सव, चैत्र शुक्ल नवमी के मध्याह्न में।

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राम नवमी 1947 तिथि
रविवार, 30 मार्च 1947
तिथि: चैत्र शुक्ल नवमी
तिथि अवधि: 08:43 AM, रविवार, 30 मार्च 1947 → 06:38 AM, सोमवार, 31 मार्च 1947

मुहूर्त और समय

काशी/IST · खगोलीय गणना
  • संकल्प (सूर्योदय)05:51
  • मध्याह्न पूजा मुहूर्त10:48 – 13:16
  • व्रत अवधि (तिथि)08:43 → 1947-03-31 · 06:38
  • पारण (तिथि समाप्ति)06:381947-03-31

पर्व-दिन शास्त्रीय नियमों से निर्धारित हैं — उदया, प्रदोष, निशिता, मध्याह्न या अपराह्न व्यापिनी, जैसा प्रत्येक पर्व का विधान है — काशी/वाराणसी (IST) हेतु गणना। कुछ वर्षों में क्षेत्रीय पालन एक दिन आगे-पीछे हो सकता है।

राम नवमी की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ें

राम नवमी — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम नवमी का पूजन किस समय होता है?

मध्याह्न काल में, क्योंकि श्रीराम का जन्म दोपहर में पुनर्वसु नक्षत्र और कर्क लग्न में माना जाता है — जन्माष्टमी के विपरीत, जो अर्धरात्रि में मनाई जाती है।

पनकम क्या है और क्यों अर्पित किया जाता है?

गुड़ और जल का पेय, जिसमें इलायची, सोंठ और काली मिर्च पड़ती है; राम नवमी पर भोग रूप में अर्पित। यह ग्रीष्म के आरंभ में पड़ता है, और यह अर्पण ऋतु की औषधि भी है।

राम नवमी का चैत्र नवरात्रि से क्या संबंध है?

यह चैत्र नवरात्रि का नवाँ दिन और समापन है। जिन्होंने नौ रात्रि व्रत रखा, वे नवमी तिथि की समाप्ति पर इसी दिन पारण करते हैं।