चैत्र 1981 आरंभ व समाप्ति तिथि (चैत्र मास)
उत्तर भारत (पूर्णिमांत): शनिवार, 21 मार्च 1981 – रविवार, 19 अप्रैल 1981
अमांत क्षेत्र: रविवार, 5 अप्रैल 1981 – सोमवार, 4 मई 1981
हिंदू नववर्ष का प्रथम मास — चैत्र नवरात्रि, गुड़ी पड़वा/उगादी और राम नवमी।
चैत्र (चैत्र मास) 1981 तिथियाँ
चैत्र का महत्व — देवी दुर्गा एवं भगवान राम
चैत्र हिंदू चंद्र-वर्ष को खोलता है। इसका शुक्ल प्रतिपदा भारत के अधिकांश भाग में नववर्ष है — गुड़ी पड़वा, उगादी, चेटी चंड — और इसके प्रथम नौ दिन चैत्र (वासंत) नवरात्रि हैं, जो राम नवमी पर राम-जन्म में समाप्त होते हैं। यह आरंभों का वसंत-मास है: उगादी का नीम-गुड़ वर्ष के कड़वे-मीठे को साथ चखता है।
चैत्र के अनुष्ठान
- चैत्र नवरात्रि — नौ दिन दुर्गा पूजा और व्रत
- घटस्थापना और जौ की बुवाई
- गुड़ी पड़वा / उगादी / चेटी चंड नववर्ष अनुष्ठान
- राम नवमी — राम का मध्याह्न जन्म
- पूर्णिमा को हनुमान जयंती
- नववर्ष प्रातः नीम-गुड़
चैत्र 1981 के प्रमुख दिन
चैत्र 1981 के पर्व
मासिक व्रत 1981
चैत्र 1981 — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
चैत्र मास 1981 कब से शुरू है?
उत्तर भारत (पूर्णिमांत पंचांग) में चैत्र शनिवार, 21 मार्च 1981 से रविवार, 19 अप्रैल 1981 तक रहता है। अमांत पंचांग वाले क्षेत्रों में यह रविवार, 5 अप्रैल 1981 से सोमवार, 4 मई 1981 तक रहता है।
उत्तर और दक्षिण भारत में चैत्र की तिथियाँ अलग क्यों हैं?
क्योंकि दोनों भिन्न चंद्र पंचांग का पालन करते हैं। पूर्णिमांत पंचांग (उत्तर भारत) में मास पूर्णिमा पर समाप्त होता है, अतः यह अमांत की तुलना में लगभग 15 दिन पहले आरंभ होता है। अमांत पंचांग (आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु) में मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है।
चैत्र 1981 किसे समर्पित है?
चैत्र हिंदू चंद्र-वर्ष को खोलता है। इसका शुक्ल प्रतिपदा भारत के अधिकांश भाग में नववर्ष है — गुड़ी पड़वा, उगादी, चेटी चंड — और इसके प्रथम नौ दिन चैत्र (वासंत) नवरात्रि हैं, जो राम नवमी पर राम-जन्म में समाप्त होते हैं। यह आरंभों का वसंत-मास है: उगादी का नीम-गुड़ वर्ष के कड़वे-मीठे को साथ चखता है।
क्या चैत्र 1981 अधिक मास है?
नहीं। चैत्र 1981 एक सामान्य 30-दिवसीय मास है।