पर्व कैलेंडर

देवउठनी एकादशी 2024

देव जागते हैं; चातुर्मास समाप्त, विवाह पुनः आरंभ — तुलसी विवाह।

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देवउठनी एकादशी 2024 तिथि
मंगलवार, 12 नवंबर 2024
तिथि: कार्तिक शुक्ल एकादशी
तिथि अवधि: 06:51 PM, सोमवार, 11 नवंबर 2024 → 04:07 PM, मंगलवार, 12 नवंबर 2024

मुहूर्त और समय

काशी/IST · खगोलीय गणना
  • संकल्प (सूर्योदय)06:13
  • सूर्यास्त17:11
  • व्रत अवधि (तिथि)2024-11-11 · 18:51 → 16:07
  • पारण (तिथि समाप्ति)16:07

पर्व-दिन शास्त्रीय नियमों से निर्धारित हैं — उदया, प्रदोष, निशिता, मध्याह्न या अपराह्न व्यापिनी, जैसा प्रत्येक पर्व का विधान है — काशी/वाराणसी (IST) हेतु गणना। कुछ वर्षों में क्षेत्रीय पालन एक दिन आगे-पीछे हो सकता है।

देवउठनी एकादशी की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ें

देवउठनी एकादशी — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देवउठनी एकादशी क्या है?

यह कार्तिक की शुक्ल एकादशी है, जब विष्णु देवशयनी एकादशी से आरंभ चार-मासीय चातुर्मास निद्रा से जागते हैं। इसे देव उठानी या प्रबोधिनी एकादशी भी कहते हैं।

इस दिन के बाद विवाह क्यों पुनः आरंभ होते हैं?

शुभ कार्य — विवाह, गृहप्रवेश, यज्ञोपवीत — चातुर्मास भर विष्णु के शयन में रुके रहते हैं। जब वे देवउठनी एकादशी को जागते हैं, विवाह-ऋतु खुलती है; तुलसी विवाह उसका प्रथम अनुष्ठान है।

तुलसी विवाह क्या है?

तुलसी पौधे का शालिग्राम (विष्णु) से विधिवत विवाह, जो देवउठनी एकादशी से आरंभ होता है। यह विष्णु के उस व्रत को दोहराता है कि वे तुलसी-रूपा वृंदा से प्रति वर्ष विवाह करेंगे, और ऋतु का सर्वाधिक शुभ विवाह माना जाता है।

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