भाद्रपद मास · भगवान गणेश एवं कृष्ण

भाद्रपद 2042 आरंभ व समाप्ति तिथि (भाद्रपद मास)

उत्तर भारत (पूर्णिमांत): सोमवार, 1 सितंबर 2042सोमवार, 29 सितंबर 2042

अमांत क्षेत्र: सोमवार, 15 सितंबर 2042मंगलवार, 14 अक्टूबर 2042

गणेश चतुर्थी, जन्माष्टमी, हरतालिका तीज और पितृ पक्ष का पर्व-बहुल मास।

भाद्रपद 2026 देखें — इस वर्ष

भाद्रपद (भाद्रपद मास) 2042 तिथियाँ

उत्तर भारत · पूर्णिमांत
सोमवार, 1 सितंबर 2042
से सोमवार, 29 सितंबर 2042 · 29 दिन
पूर्णिमा पर समाप्त होने वाला मास
अमांत क्षेत्र
सोमवार, 15 सितंबर 2042
से मंगलवार, 14 अक्टूबर 2042 · 30 दिन
आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु
तिथियाँ भिन्न क्यों? पूर्णिमांत पंचांग में मास पूर्णिमा पर समाप्त होता है, अमांत में अमावस्या पर। इस कारण उत्तर भारत में भाद्रपद अमांत क्षेत्रों से लगभग 15 दिन पहले आरंभ होता है — यद्यपि पर्व एक ही दिन पड़ते हैं, क्योंकि वे तिथि पर आधारित हैं।

भाद्रपद का महत्व — भगवान गणेश एवं कृष्ण

भाद्रपद, वर्षा के अंत में, वर्ष के कुछ सबसे बड़े अनुष्ठान धारण करता है — जन्माष्टमी पर कृष्ण का जन्म, गणेश चतुर्थी पर गणेश की स्थापना, और अनंत चतुर्दशी पर समाप्त होने वाले दस दिन। इसका दूसरा, कृष्ण पक्ष पितृ पक्ष है, जो तर्पण और श्राद्ध द्वारा पूर्णतः पितरों को समर्पित है।

भाद्रपद के अनुष्ठान

  • गणेश स्थापना और अनंत चतुर्दशी तक दस दिन की आरती
  • जन्माष्टमी का निशीथ व्रत और अभिषेक
  • हरतालिका तीज — निर्जला शिव-पार्वती व्रत
  • पितृ पक्ष भर पितरों हेतु तर्पण और श्राद्ध
  • हरतालिका और ऋषि पंचमी व्रत
  • अनंत चतुर्दशी और अनंत सूत्र बाँधना

भाद्रपद 2042 के प्रमुख दिन

भाद्रपद 2042 के पर्व

मासिक व्रत 2042

भाद्रपद 2042 — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाद्रपद मास 2042 कब से शुरू है?

उत्तर भारत (पूर्णिमांत पंचांग) में भाद्रपद सोमवार, 1 सितंबर 2042 से सोमवार, 29 सितंबर 2042 तक रहता है। अमांत पंचांग वाले क्षेत्रों में यह सोमवार, 15 सितंबर 2042 से मंगलवार, 14 अक्टूबर 2042 तक रहता है।

उत्तर और दक्षिण भारत में भाद्रपद की तिथियाँ अलग क्यों हैं?

क्योंकि दोनों भिन्न चंद्र पंचांग का पालन करते हैं। पूर्णिमांत पंचांग (उत्तर भारत) में मास पूर्णिमा पर समाप्त होता है, अतः यह अमांत की तुलना में लगभग 15 दिन पहले आरंभ होता है। अमांत पंचांग (आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु) में मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है।

भाद्रपद 2042 किसे समर्पित है?

भाद्रपद, वर्षा के अंत में, वर्ष के कुछ सबसे बड़े अनुष्ठान धारण करता है — जन्माष्टमी पर कृष्ण का जन्म, गणेश चतुर्थी पर गणेश की स्थापना, और अनंत चतुर्दशी पर समाप्त होने वाले दस दिन। इसका दूसरा, कृष्ण पक्ष पितृ पक्ष है, जो तर्पण और श्राद्ध द्वारा पूर्णतः पितरों को समर्पित है।

भाद्रपद शिवरात्रि 2042 कब है?

भाद्रपद शिवरात्रि 2042 — भाद्रपद मास की मासिक शिवरात्रि (कृष्ण चतुर्दशी) — शनिवार, 13 सितंबर 2042 को है। इस दिन शिवलिंग का जलाभिषेक और रात्रि-पूजन का विशेष महत्व है।

क्या भाद्रपद 2042 अधिक मास है?

नहीं। भाद्रपद 2042 एक सामान्य 29-दिवसीय मास है।